जनहित के निर्माण कार्यों में प्रगति लाएं – कलेक्टर श्रीमती मिशा सिंह जिला शहरी विकास अभिकरण की समीक्षा बैठक संपन्न पिपलोदा सीएमओ को कारण बताओं नोटिस जारी करने के निर्देश

जनहित के निर्माण कार्यों में प्रगति लाएं – कलेक्टर श्रीमती मिशा सिंह     जिला शहरी विकास अभिकरण की समीक्षा बैठक संपन्न     पिपलोदा सीएमओ को कारण बताओं नोटिस जारी करने के निर्देश

रतलाम 14 जनवरी/ कलेक्टर श्रीमती मिशा सिंह की अध्यक्षता में कलेक्टर कार्यालय सभाकक्ष में जिला शहरी विकास अभिकरण अंतर्गत नगर पालिका परिषद, नगर पालिका एवं नगर पंचायत द्वारा शासकीय कार्यों एवं योजनाओं के क्रियान्वयन संबंधी समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में परियोजना अधिकारी श्री अरुण  पाठक द्वारा जिले में संचालित प्रधानमंत्री आवास योजना, बी एल सी घटक 1.0  , बी एल सी घटक 2.0, प्रधानमंत्री स्वनिधी योजना, अमृत योजना 2.0, स्वच्छ सर्वेक्षण, स्वच्छ भारत मिशन, गीता भवन निर्माण कार्य, विभिन्न योजनाओं में भूमि आवंटन संबंधी कार्य की प्रगति, एसबीएम अंतर्गत स्वीकृत कार्यों की समीक्षा, अनधिकृत कॉलोनी की जानकारी का नगरीय निकायवार प्रस्तुतीकरण दिया गया। प्रधानमंत्री आवास योजना की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने निर्देशित किया कि सभी अपूर्ण कार्यों में रिकवरी संबंधी कार्यवाही की जाए, इस संबंध में न्यायालय कलेक्टर द्वारा तहसीलदार को जानकारी दी जाए तथा आरआरसी के प्रकरणों का प्रस्ताव भेजें। उन्होंने सभी अपूर्ण कार्यों को शीघ्रता से पूर्ण करने के लिए निर्देश दिए। प्रधानमंत्री आवास योजना घटक 2.0 के संबंध में आंकड़ों का विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत नहीं करने के कारण सी एम ओ पिपलोदा को कारण बताओ सूचना पत्र जारी करने के लिए पी ओ डूडा को निर्देशित किया। सभी प्रकार की पेंडेंसी संबंधी जानकारी  कारण सहित  प्रस्तुत करने, पात्र लोगों को पात्र घोषित करने अपात्र लोगों को अपात्र घोषित करने तथा जिनको होल्ड पर रखा गया है, उनकी जानकारी देने के लिए एक सप्ताह की समय सीमा निर्धारित की गई। बड़ावदा, पिपलोदा और सैलाना क्षेत्र के लिए इंजीनियर की नियुक्ति संबंधी प्रस्ताव प्रेषित करने के निर्देश दिए।

प्रधानमंत्री स्वनिधि निधि योजना अंतर्गत सैलाना का कार्य अच्छा पाया गया। कलेक्टर ने निर्देशित किया कि स्व सहायता समूह की महिलाओं का इस संबंध में सहयोग लिया जाए तथा पूर्व में जिन हितग्राहियों ने समय पर राशि लौटाई है,ऐसे समूहों  के प्रस्ताव लिए जाएं। जिन नगरीय निकायों की कार्य उपलब्धि कम है उन सभी को कारण बताओं नोटिस जारी करते हुए अनुशासनात्मक कार्यवाही के लिए प्रस्ताव प्रेषित किए जाएं। अमृत 2.0 योजना अंतर्गत समीक्षा के दौरान निर्देशित किया गया कि नई पेयजल संबंधी निर्माण कार्य करते समय सीवरेज के आसपास पानी की पाइपलाइन नहीं डाले,  इस संबंध में जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम किया जाए। पेयजल संबंधी निर्माण कार्य करते समय घर के आसपास सेप्टिक टैंक ना हो इस बात का ध्यान रखा जाए। तालाब निर्माण संबंधी समस्त कार्य बारिश होने से पूर्व पूर्ण कर लिए जाएं। तालाब के कार्यों में रिचार्ज शाफ्ट के साथ रेन वाटर रिचार्ज का भी कार्य कराया जाए। विभिन्न योजनाओं में भूमि आवंटन के संबंध में आ रही दिक्कतों के लिए सोमवार को आयोजित होने वाली नजूल की बैठक में जानकारी प्रस्तुत की जाए , ताकि राजस्व विभाग के माध्यम से समस्या का निराकरण हो सके। गीता भवन निर्माण कार्य की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने निर्देशित किया कि पुराने एवं अनुपयोगी जर्जर भवनों को गिराया जाए और उसकी जमीन का उपयोग शासकीय नियम अनुसार फॉरेस्ट पी डब्ल्यू डी, विद्युत, फायर और टीएमसी की एन ओ सी प्राप्त करके किया जाए। अनाधिकृत कॉलोनी के संबंध में सर्वे कराकर कार्रवाई करने के लिए निर्देशित किया गया। कलेक्टर ने स्वच्छ जल अभियान अंतर्गत सभी नगरीय निकायों में प्रत्येक मंगलवार को जल सुनवाई आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक वार्ड में मुनादी कराए और हर वार्ड में जाकर पेयजल संबंधी समस्याओं का मौके पर निराकरण किया जाए। उन्होंने कहा कि पुरानी सीवर लाइन और पुरानी पेयजल लाइन की मैपिंग की जाए और इसके सघन चेकिंग की जाए। पेयजल की टंकियां साफ होना अत्यंत आवश्यक है, इसकी एप्लीकेशन में प्रविष्टि करें और जिओ टेग करें, सभी संपवेल केंद्रों पर पेयजल के सैंपल लिए जाएं और इसकी बैक्टीरिया जांच कराई जाए , वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट और पेयजल लाइन में लीकेज ना हो। सभी नालियों की नियमित सफाई की जाए नालियां चोक नहीं होना चाहिए। क्षेत्र में सेवाएं प्रदान करते समय जनप्रतिनिधियों का सहयोग लिया जाए वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट और सीवरेज प्लांट का निरीक्षण किया जाए। सभी हैंडपंप चेक कराए तथा हैंडपंप में अच्छा पेयजल होने की दशा में हरे रंग का, दूषित पेयजल होने पर लाल रंग का तथा जल्दी सूखने वाला हैंडपंप होने पर पीले रंग का पेंट कराया जाए। सभी हैंड पंप के आसपास सोखता गड्ढा बनाया जाए, सोखते गड्ढे की डिजाइन समझने के लिए आर ई एस विभाग का सहयोग प्राप्त किया जाए।

Share This Post

Nayan Vyas

Related Posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!