स्कूलों में संचालित होने वाली बसों की चेकिंग की गई स्कूल बसों के चालकों एवं अटेंडरों के नेत्र परीक्षण किये गये

स्कूलों में संचालित होने वाली बसों की चेकिंग की गई  स्कूल बसों के चालकों एवं अटेंडरों के नेत्र परीक्षण किये गये

रतलाम 14 फरवरी/ कलेक्टर श्रीमती मिशा सिंह के आदेशानुसार जिला परिवहन अधिकारी राजेश बिललोरें एवं कार्यालयीन स्टॉफ के द्वारा 14 फरवरी को जिले में स्थित स्कूलों में संचालित होने वाली बसों की चेकिंग की गई। जिसमें स्कूल बसों के परमिट, फिटनेस, बीमा, पी.यू.सी., आपातकालीन खिड़की व दरवाजे, एल.ई.डी., प्राथमिक उपचार पेटी, अग्निशमन यंत्र, फायर अलार्म सिस्टम, पैनिक बटन की जांच की गई एवं स्पीड गवर्नर को बारीकी से चेक किया गया जो चालू हालत में पाये गये।

चेकिंग के दौरान अग्निशमन यंत्र को चलवाये जाकर चेक किया गया जो कि वैध अवधि में पाया गया। 03 स्कूल बसों में एच.एस.आर.पी प्लेट नहीं लगी पायी गई। इस कारण से 03 स्कूल वाहनों से समझौता शुल्क राशि रु 9000/- वसूल किये गये तथा 02 बसों में आपातकालीन खिड़की व दरवाजे के सामने सीट लगी पायी गई जिससे आपातकालीन स्थिति में उनका उपयोग किया जाना संभव नहीं था। इस कारण से 02 स्कूल वाहनों से समझौता शुल्क राशि रु 6000/- वसूल किये गये। इस प्रकार 05 स्कूल वाहनों से कुल समझौता शुल्क राशि रु 15000/- वसूल किये गये हैं। साथ ही स्कूल संचालकों को हिदायत दी गई की स्कूल वाहनों में पायी गई कमियों को दुरुस्त कराकर 05 दिवस में वाहन को भौतिक सत्यापन हेतु परिवहन  कार्यालय में प्रस्तुत करें। वाहन प्रस्तुत नहीं करने पर उक्त वाहनों के विरुद्ध मोटरयान अधिनियम में उल्लेखित प्रावधानों के तहत पुनः कार्यवाही की जायेगी।

जिले में स्थित श्री चेतन्य टेक्नो स्कूल एवं नजम पब्लिक स्कूल के ट्रांसपोर्ट इंचार्ज श्री शेख रऊफ द्वारा ओजस आई हॉस्पिटल के नेत्र विशेषज्ञ डॉ. रिंकू राठा बंधेल के माध्यम से स्कूल बसों के 28 चालकों एवं बस अटेंडरों के नेत्रों का परीक्षण  किया गया, जिसमें 23 चालक एवं अटेंडर नेत्र परीक्षण में फिट पाये गये एवं 05 चालक एवं अटेंडर को चश्मे के नंबर दिये जाकर उन्हें नंबर का चश्मा बनवाये जाने हेतु निर्देशित किया गया। साथ ही उपरोक्त स्कूल के 28 वाहन चालकों एवं अटेंडरों के पुलिस चरित्र सत्यापन की जांच की गई जिसमें 02 लोगों के चरित्र सत्यापन की अवधि समाप्त होना पायी गई। उन्हें नवीन चरित्र सत्यापन बनवाया जाकर 07 दिवस में कार्यालय में प्रस्तुत किये जाने हेतु आदेशित किया गया।

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Nayan Vyas

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