जैन दर्शन, वैश्विक दर्शन है, जो समाज को शांति प्रिय बना सकता है – चेतन्य काश्यप

जैन दर्शन, वैश्विक दर्शन है, जो समाज को शांति प्रिय बना सकता है – चेतन्य काश्यप

हैदराबाद में ‘‘हार्ट ऑफ ए जैन – इंटरनेशनल कॉन्क्लेव‘‘ का आयोजन हार्टफुलनेस फाउण्डेशन के वैश्विक मार्गदर्शक कमलेश डी. पटेल ‘‘दाजी’’ की पुस्तक का विमोचन किया


रतलाम, 11 जुलाई।
 हैदराबाद स्थित कान्हा शान्ति वनम में आयोजित दो दिवसीय ‘‘हार्ट ऑफ ए जैन – इंटरनेशनल कॉन्क्लेव‘‘ का मुख्य अतिथि वर्ल्ड जैन कान्फडरेशन के चेअरमेन एवं कैबिनेट मंत्री चेतन्य काश्यप ने शुभारंभ किया। उन्होंने हार्टफुलनेस फाउण्डेशन के वैश्विक मार्गदर्शक कमलेश डी. पटेल ‘‘दाजी’’ की पुस्तक का विमोचन किया और विशेष सत्र में ध्यान भी किया। इस दौरान पद्मश्री कुमारपद भाई देसाई, नांदला विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर सचिन चतुर्वेदी भी उपस्थित रहे।
कॉन्क्लेव को संबोधित करते हुए श्री काश्यप ने कहा कि जैन दर्शन, वैश्विक दर्शन है जो समाज को शांति प्रिय बना सकता है। कॉन्क्लेव में हो रहे विचार-विमर्श से जैन धर्म समाज का अभिन्न अंग बन सकता है। पूज्य ‘‘दाजी’’ असाधारण और दुर्लभ व्यक्तित्व के धनी हैं, जिन्होंने सारे धर्म की गंगा जैन दर्शन से प्रभावित होना बताया है। उनकी यह उद्घोषणा समाज के बीच कैसे क्रियाशील हो, अहिंसा का दर्शन विचारों में ही नहीं अपितु सक्रिय जीवन में भी कैसे क्रियान्वित हो, ऐसे बिन्दुओं को लेकर ‘‘दाजी’’ ने एक पुस्तक के रुप में शुरुआत की है, जिसे उम्मीद है पूरा समाज आत्मसात करेगा।
श्री काश्यप ने कहा कि दर्शन सर्वकालिक होते हैं और सदैव चलते रहते हैं लेकिन हर समय काल में उन्हें विस्थापित करने के लिए चिंतन करना पड़ता है। आज समाज के सामने विश्वास की चुनौती है जो सबको प्रभावित करती है। भगवान महावीर को समाज ने भगवान बना कर रख दिया लेकिन सही अर्थों में वे जीवन के दर्शक हैं। उन्होंने अहिंसा का वैश्विक दर्शन दिया और ऐसे जीवन का दर्शन भी दिया है जो मानवीय मूल्यों को साथ लेकर चलता है। जैन दर्शन के प्रसार के लिए इस तरह के वैचारिक अनुष्ठानों को गति दी जानी चाहिए ताकि युवाओं को इससे समृद्ध किया जा सके। कॉन्क्लेव का समापन 12 जुलाई को होगा। इसमें वर्ल्ड जैन कान्फडरेशन के अध्यक्ष जितेन्द्र भाई शाह, अभिनेता विद्युत जामवाल, जीतो संस्था के पदाधिकारियों सहित देश-विदेश के कई प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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